हमारे प्रकाशन की पुस्तक "गौरव गाथा : भूले हुए नायकों का भारत.." का अमर उजाला अखबार में विमोचन

ऐतिहासिक सोरम पंचायत में गौरव गाथा पुस्तक का विमोचन किया गया। डॉ. यशपाल सिंह ने इस किताब में भूले हुए नायकों के भारत... के जननायकों के बलिदान, लोक कवियों की रचनात्मकता को समाहित किया है ।

भूले हुए पथ प्रदर्शकों को आवाज को इस पुस्तक में बेहतर ढंग से उठाने का प्रयास है। इससे युवाओं को सीख मिलेगी। दरअसल, लेखक ने मार्क्सवादी इतिहासकारों से हटकर भारत के वीर योद्धाओं, संतों, लोकनायकों, समाज सुधारकों और साहित्यकारों के आत्म गौरव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। इनकी स्मृतियों को पुनः जागृत किया है ।

महत्वपूर्ण साहित्यिक मुद्दों को छुआ गौरव गाथा में वैदिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार आर्यावर्त भूमि में धर्म, ज्ञान, संस्कृति का प्रार्दुभाव का जिक्र बेहतर ढंग से किया है। जम्बूद्वीपभारत और दिल्ली-इतिहास संस्कृति और शासन का संगम नामक अध्याय जोड़े हैं। एक अध्याय में सर्वखाप पंचायत सामाजिक संगठन की शक्ति को बखूबी तरीके से रखा है। भारत में गुरुकुल शिक्षा-प्राचीन वैभव से आधुनिक पुनर्जनन तक... अध्याय जोड़ा है। इस किताब में 204 पेज और 21 अध्याय हैं । 

ऐतिहासिक मंच से लेखक डॉ. यशपाल सिंह का सम्मान